Author: Dr. Neelu Singh
Binding: H.B.
ISBN: 978-81-959344-7-8
Publishing Year: 2023
About the Book
अर्थशास्त्र का परिचय” राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के नवीन पाठ्यक्रम के अनुरुप चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम के लिए है । यह प्रारंभिक नियमित पाठ्यक्रम (IRC) के सेमेस्टर I/II/III के विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी पुस्तक साबित होगी । साथ ही, विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्नातक, स्नातकोत्तर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों की आवश्कता को ध्यान में रखते हुए पुस्तक की समस्त विषय सामग्री का प्रस्तुतीकरण व्यवस्थित एवं सामंजस्यपूर्ण ढंग से किया गया है । पुस्तक में आर्थिक सिद्धांतो की नवीनतम प्रवृत्तियों एवं महत्वपूर्ण परिवर्तनो की विश्लेषणात्मक व्याख्या अत्यंत सरल ढंग से की गई है । पुस्तक में कुल 25 अध्याय है जो 7 खंडो में विभक्त हैं । हर खंड के विभिन्न अध्याय के अंतर्गत प्रत्येक अवधारणा का विस्तारपूर्वक एवं गहन विश्लेषण किया गया है । तालिका, रेखाचित्र तथा उदाहरणों के द्वारा व्यष्टि एवं समष्टि अर्थशास्त्र, भारतीय अर्थव्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, वृद्धि और विकास आदि की सरल एवम् स्पष्ट व्याख्या प्रस्तुत करने का यथासंभव प्रयास किया गया है । पुस्तक की भाषा यथासंभव सरल रखी गई है । प्रत्येक अध्याय के अंत में दीर्घ उत्तरीय, लघु उत्तरीय एवं वस्तुनिष्ठ प्रश्न हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यमों में दिए गए हैं जो विषय का पुनरावलोकन करने एवं परीक्षा की तैयारी करने में विशेष रुप से सहायक होंगे । हरेक महत्वपूर्ण तथ्य का समाकलन किया गया है जो विद्यार्थियों को विषय की संपूर्ण जानकारी देने में सहायक हो । मेरा विश्वास है कि प्रस्तुत पुस्तक स्नातकोत्तर एवं स्नातक के विद्यार्थियों तथा अध्यापकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी ।हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक एक विश्वसनीय एवं प्रमाणिक पाठ्य पुस्तक के अभाव को दूर करेगी ।
About the Author
डॉ नीलू सिंह वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं । इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, रांची में समन्वयक का अतिरिक्त प्रभार भी इन्हें सौंपा गया है । इन्हें डोरंडा महाविद्यालय, रांची तथा ICFAI यूनिवर्सिटी (रांची तथा गंगटोक) में करीब डेढ़ दशक तक स्नातक, स्नातकोत्तर एवं विभिन्न वोकेशनल कोर्सेज में अध्यापन एवं शोध निर्देशन का व्यापक अनुभव रहा है । इन्होंने यूजीसी द्वारा वित्त पोषित शोध परियोजना पर कार्य किया है । इनके कई लेख एवं शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं । कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मेलन में इन्होंने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं । राष्ट्रीय स्तर पर इनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं ।
